उठे समाज के लिए उठे उठे | NSS लक्ष्य गीत

Sarkari Diary Social Account (Follow Now)

उठे समाज के लिए उठे उठे  

उठे समाज के लिए उठे उठे गीत
उठे समाज के लिए उठे उठे गीत

पहला छंद 

उठे समाज के लिए उठे उठे

जगे स्वराष्ट्र के लिए जगें जगें

स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें – 2 

दूसरा छंद 

हम उठें उठेगा जग हमारे संग साथियों

हम बढ़ें तो सब बढ़ेंगे अपने आप साथियों

जमीं पे आसमान को उतार दें – 2 

स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें – 2

तीसरा छंद 

उदासियों को दूर कर खुशी को बांटते चलें

गांव और शहर की दूरियों को पाटते चलें

ज्ञान को प्रचार दें प्रसार दें

विज्ञान  को प्रचार दें प्रसार दें

स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें – 2

चौथा छंद 

समर्थ बाल वृद्ध और नारियां रहें सदा

हरे भरे वनों की शाल ओढ़ती रहे धरा

तरक्कियों की एक नई कतार दें – 2 

स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें – 2

पांचवां छंद 

ये जाति धर्म बोलियां बने न शूल राह की

बढ़ायें बेल प्रेम की अखंडता की चाह की

भावना  से  ये चमन निखार दें

सद्भावना से  ये चमन निखार दें

स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें – 2

छठा छंद 

उठे समाज के लिए उठे उठे

जगे स्वराष्ट्र के लिए जगें जगें

स्वयं सजे वसुंधरा संवार दें

NSS लक्ष्य गीत | NSS लक्ष्य गीत का अर्थ

राष्ट्रीय सेवा योजना के बारे ओर जाने : – https://nss.gov.in/

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्य | Functions of National Service Scheme

एनएसएस के कार्यक्रमों में भाग लेने से छात्रों को मिलने वाले लाभ | Benefits students get by participating in NSS programs

Share this post with your friends
Facebook
WhatsApp
Telegram
Twitter
Email

Related Posts

You may also like

Comments Section

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Sign up for our Newsletter

Click edit button to change this text. Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit